झारखंड
गरीब चाहे किसी भी जाति-समुदाय और वर्ग का हो, उनका उत्थान जरूरी है: रघुवर दास
By Deshwani | Publish Date: 25/2/2018 4:17:20 PM
गरीब चाहे किसी भी जाति-समुदाय और वर्ग का हो, उनका उत्थान जरूरी है: रघुवर दास

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि गरीब चाहे किसी भी जाति-समुदाय और वर्ग का हो, उनका उत्थान जरूरी है। सरकार गरीबों के उत्थान के प्रति गंभीर है। अगड़ी जाति में भी गरीब हैं और उन्हें भी आरक्षण और संरक्षण की जरूरत है। मैं खुद व्यक्तिगत तौर पर अर्थिक आधार पर आरक्षण देने का समर्थक हूं, लेकिन इसकी व्यवस्था के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने पांच जिलों गुमला, जामताड़ा, इटकी (रांची), चाईबासा व साहिबगंज में जहां नर्सिंग कौशल कॉलेज खोलने की घोषणा की वहीं रामगढ़ के बरकाकाना में मैन्यूफैक्चरिंग, कैटरिंग व हाउस कीपिंग से संबंधित प्रशिक्षण केंद्र खोलने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री शनिवार को गुमला, रांची और चान्हों में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

 
गुमला में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि संगठन के नेताओं को हर दल के नेताओं से संपर्क स्थापित कर आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए आम सहमति बनानी चाहिए, जिससे अगड़ी जाति के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। उनकी सरकार हर समाज से गरीबी दूर करने को कृतसंकल्प है।
 
सीएम ने कहा कि सरकार ने ग्राम विकास समिति बनाने का निर्णय लिया है। जिन गांवों में 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी हैं, वहां आदिवासी ग्राम संगठन बनेगा। सरकार ने समिति को सीधे पैसा देने का निर्णय लिया है। मार्च के बाद गांव के लोग स्वयं योजना तय करेंगे। उन्होंने क्षत्रिय समाज के नेताओं से 10-10 महिलाओं का समूह बनाने की अपील की, ताकि महिलाओं का उत्थान हो सके। इसके लिए सुझाव दिया गया कि समिति की अध्यक्ष महिला को बनाया जाए जबकि सचिव 18 से 40 साल के बीच के किसी युवक को बनाया जाए। इस समूह को विकास सीधे खाते में पैसा देकर गांव को समृद्धशाली बनाना गांव की प्राथमिकता है।
 
रांची के चान्हो में कल्याण विभाग के एसपीवी प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित नवनिर्मित नर्सिग कौशल कालेज के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य में एक लाख अकुशल, बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। राज्य के 18 हजार वैसे बच्चे जिनके सिर पर माता-पिता का साया नही हैं, उन बेसहारा बच्चों को सरकार कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने का काम करेगी। कहा कि यह नर्सिग कौशल कॉलेज राज्य का पहला हाईटेक कॉलेज है। 120 सीटों वाले वाली इस कॉलेज की स्थापना से स्वास्थ्य सेक्टर से संबंधित पढ़ाई करने वाली छात्राओं को पूरा लाभ मिलेगा।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को लेकर राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जुड़ना होगा। दुनिया में भारतीय युवाओं के स्किल की डिमांड है। हमारी सरकार आपका सहारा बन आपको मौका मुहैया कराएगी।
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