झारखंड
सीएस व डीजीपी पर कार्रवाई को लेकर बजट सत्र चौथे दिन भी बाधित
By Deshwani | Publish Date: 20/1/2018 4:12:15 PM
सीएस व डीजीपी पर कार्रवाई को लेकर बजट सत्र चौथे दिन भी बाधित

रांची, (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के लगातार चौथे दिन शनिवार को भी हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव ने मुख्य सचिव के विरुद्ध पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके कार्यकाल की जांच सीबीआई से कराने की मांग की । उधर सत्ता पक्ष के कई सदस्य विपक्षी दलों पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोज-रोज एक ही मुद्दे को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का तरीका सही नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के अमित कुमार की ओर से लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को अमान्य कर दिया । अमित कुमार ने जेपीएससी द्वारा आयोजित छठी संयुक्त असैनिक परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने को लेकर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया था । वहीं नौजवान संघर्ष मोर्चा के भानु प्रताप शाही ने नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराए जाने के निर्णय की चर्चा करते हुए कहा कि कई छोटे राजनीतिक दलों को निकाय चुनाव में दल के रूप में मान्यता नहीं दी गई है । इसकी वजह से झारखंड पार्टी, भाकपा माले, जय भारत समानता पार्टी और नौजवान संघर्ष मोर्चा जैसे राजनीतिक दल अपने उम्मीदवार निकाय चुनाव में नहीं खड़ा कर सकेंगे । उन्होंने कहा कि यदि ये दल चुनाव में उम्मीदवार नहीं खड़ा कर सकेंगे तो पार्टी कहां जाएगी ।
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि सदन में तीन दिनों से जो मुद्दा उठ रहा है, वह मेरा व्यक्तिगत ममला है ,बल्कि राज्य हित से जुड़ा हुआ है । उन्होंने कहा कि चाहे भानु प्रताप शाही द्वारा उठाया गया मसला हो या बोकारो के ललपनिया में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में स्थानीय लोगों की बहाली का मुद्दा हो ,सदन के अंदर ही मुख्यमंत्री ने इस मसले पर आश्वासन दिया था । लेकिन बाद में वे खुद नियुक्ति पत्र बांट कर आ गए । उन्होंने कहा कि जेपीएससी परीक्षा में आरक्षण नियमों का अनुपालन नहीं होने पर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों को लाठी डंडे से पीटा जाता है । यदि विपक्ष इन मुद्दों को सदन में नहीं उठाएगा तो विपक्ष यहां क्यों बैठेगा ? उन्होंने कहा कि जिस पदाधिकारी के कारण एक भी व्यक्ति की जान जाती है तो उसपर कार्रवाई की जानी चाहिए या नहीं ? 
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव लिखित रूप से जांच को धीमी करने का आदेश देती है और विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होना दुखद है । नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे राज्य के लोगों को यह लग रहा है कि यह सदन नहीं प्रपंच है ।
झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव ने कहा कि एक ओर नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्य सचिव द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक पर दवाब डालकर अपने बेटे के व्यवसाय में निवेश करने को कहा जा रहा है ।
इस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि भानु प्रताप साही ने जो मुद्दा उठाया है उसपर नगर विकास मंत्री जवाब देंगे । उन्होंने नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन और झाविमो के प्रदीप यादव द्वारा मुख्य सचिव पर बैंक अधिकारी पर दबाव डालने का जो आरोप लगाया गया है, उस मामले की जांच स्पेशल ब्रांच से कराने की बात कही । उन्होंने कहा कि मंत्री ने जिस संबंध में पत्र लिखा है उसकी भी जांच होगी।
मुख्यमंत्री के वक्तव्य से भी विधायक संतुष्ट नहीं हुए और ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर शोरगुल करने लगे, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दोपहर 12:45 तक के लिए स्थगित कर दिया ।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन समेत विपक्ष के अन्य विधायकों ने मुख्य सचिव के विरुद्ध कार्रवाई का मसला उठाते हुए कहा कि क्या इस मामले में ऊपर वाला कार्यवाही करेगा ? विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने चालू वित्तीय वर्ष के तृतीय अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद कराए जाने का प्रस्ताव रखा जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2:00 बजे भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गई ।
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