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अब विदेशी एयरलाइन्स कर सकेंगी एयर इंडिया में निवेश
By Deshwani | Publish Date: 10/1/2018 6:37:08 PM
अब विदेशी एयरलाइन्स कर सकेंगी एयर इंडिया में निवेश

नई दिल्ली (हि.स.)। भारत सरकार के मंत्रिमण्डल की बुधवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नागरिक उड्डयन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने सरकारी उड्डयन कंपनी एयर इंडिया में विदेशी निवेश को मंजूरी देने का फैसला कर लिया है। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक विदेशी एयरलाइन्स अब भारतीय सरकारी एयरलाइन्स एयर इंडिया में निवेश कर सकेंगी। लेकिन ये निवेश 49 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। 

वर्तमान नीति के अनुसार, विदेशी एयरलाइंस को अनुसूचित और गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन सेवाओं का संचालन करने वाली भारतीय कंपनियों की पूंजी में सरकारी मंजूरी रूट के तहत निवेश करने की अनुमति दी गई है। यह निवेश इन कंपनियों की चूकता पूंजी के 49 प्रतिशत की सीमा तक की जा सकती है। 
हालांकि, यह प्रावधान वर्तमान में एयर इंडिया के लिए मान्‍य नहीं था| इसलिए इसका अर्थ यही था कि विदेशी एयरलाइंस इस स्थिति‍ में एयर इंडिया में निवेश नहीं कर सकती थीं। अब इस पाबंदी को समाप्‍त करने और विदेशी एयरलाइंस को एयर इंडिया में मंजूरी रूट के तहत 49 प्रतिशत तक निवेश करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। 
इस संदर्भ में कैबिनेट ने कुछ शर्तें तय की हैं, जिसके मुताबिक विदेशी एयरलाइंस के विदेशी निवेश सहित एयर इंडिया में प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से 49 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। एयर इंडि‍या का व्‍यापक स्‍वामित्‍व एवं प्रभावकारी नियंत्रण आगे भी भारतीय हाथों में ही निहित होगी। 
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने एफडीआई नीति में अनेक संशोधनों को अपनी मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक इन संशोधनों का उद्देश्‍य एफडीआई नीति को और ज्‍यादा उदार एवं सरल बनाना है, ताकि देश में कारोबार करने में आसानी सुनिश्चित हो सके। 
प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आर्थिक विकास का एक प्रमुख वाहक और देश में आर्थिक विकास के लिए गैर-ऋण वित्त का एक स्रोत है। सरकार ने एफडीआई के संबंध में एक निवेशक अनुकूल नीति क्रियान्वित की है जिसके तहत ज्‍यादातर क्षेत्रों/गतिविधियों में स्‍वत: रूट से 100 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति दी गई है। हाल के महीनों में सरकार ने अनेक क्षेत्रों (सेक्‍टर) यथा रक्षा, निर्माण क्षेत्र के विकास, बीमा, पेंशन, अन्‍य वित्तीय सेवाओं, परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों, प्रसारण, नागरिक उड्डयन, फार्मास्‍यूटिकल्‍स, ट्रेडिंग इत्‍यादि में एफडीआई संबंधी नीतिगत सुधार लागू किए हैं।
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