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गृह मंत्री अमित शाह ने सी.ए.ए को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध प्रदर्शन को शर्मनाक बताया
By Deshwani | Publish Date: 26/1/2020 1:31:52 PM
गृह मंत्री अमित शाह ने सी.ए.ए को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध प्रदर्शन को शर्मनाक बताया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधित नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध को ''शर्मनाक" करार दिया और उन पर भ्रांति फैलाकर 2015 का विधानसभा चुनाव जीतने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस बार केजरीवाल की सभी कोशिशें विफल होंगी। शाह ने सोशल मीडिया पर भाजपा के लिए प्रचार करने वाले 'साइबर' योद्धाओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''भाजपा अतीत में ऐसे चुनाव जीती है जिनमें जीतना बहुत मुश्किल प्रतीत हो रहा था। उस समय हमारे विरोधी खुश थे और समर्थक तनाव में थे, लेकिन जब हमारे साइबर योद्धा मैदान में उतरते हैं, तो हमारी जीत होती है।"

 
 
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 'जीत की गूंज' सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ''केजरीवाल कहते हैं कि भाजपा को पाकिस्तानियों की चिंता है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि दिल्ली की 30 प्रतिशत आबादी बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए लोग हैं।" उन्होंने कहा, ''यदि यह आपका रुख है, तो यह शर्मनाक है। उन्हें केवल वोट बैंक की चिंता है। प्रधानमंत्री मोदी उन शरणार्थियों को नागरिकता देना चाहते हैं जो बहुत परेशानी में हैं। क्या हमें उन्हें नागरिकता नहीं देनी चाहिए?"
 
गृह मंत्री ने आप और कांग्रेस पर 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह का समर्थन करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वर्षों से दिल्ली के लोगों का अधिकार रोककर बैठी थीं। दिल्ली में कांग्रेस और आप सरकार की अनदेखी के कारण कई जगह झुग्गियां हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तय किया है कि जहां झुग्गी हैं वहां मकान होंगे। झुग्गी वालों के भी अच्छे दिन आने वाले हैं।
 
 
अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, ''भ्रांति फैलाकर ये एक बार चुनाव तो जीत गए। लेकिन पहले वाराणसी में हारे, फिर हरियाणा, पंजाब, गुजरात, दिल्ली एमसीडी में हारे। 2019 में (लोकसभा चुनाव) भी केजरीवाल का सूपड़ा साफ हो गया।" उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली में 13,750 बूथ थे, उसमें से 12,068 बथों में कमल का फूल खिला है। दिल्ली की जनता ने 88 प्रतिशत बूथों पर कमल के फूल को चुना है।
 
 
शाह ने केजरीवाल पर दिल्ली की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा, ''मैं कुछ भी बोलता हूं तो वो तुरंत ट्वीट कर देते हैं और आज कल वो दिल्ली की जनता का नाम कम लेते हैं और मेरा नाम ज्यादा लेते हैं।" गृह मंत्री ने कहा, ''मैंने भाषण में कहा कि वाई फाई ढूंढते-ढूंढते मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाती है तो उन्होंने (केजरीवाल) कहा कि फ्री बिजली दी है, चार्ज करा लो। मैं तो मानता था कि शायद दे दी हो लेकिन कल एक जगह 88 मीटर रीडिंग का 300 रुपए का बिल लेकर एक बुजुर्ग खड़े थे, अब तो फ्री बिजली भी झूठी है।"
 
 
शाह ने कहा कि केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों को सुधार देंगे, लेकिन ढाई लाख बच्चे सरकारी स्कूल छोड़कर निजी स्कूलों में चले गए। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण मानते हुए आयुष्मान भारत योजना शुरू की। इसके तहत गरीबों को 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त दिया जा रहा है। ये फायदा दिल्ली के गरीबों को नहीं मिल रहा, केजरीवाल ने इस योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने वादा किया था कि घरों में आरओ से बढ़िया पानी पाइप लाइन से देंगे। पाइप लाइन तो दूर की बात पानी ही ऐसा दिया कि 21 शहरों के सर्वे में सबसे गंदा पानी दिल्ली की जनता को दिया। आप पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए। दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2015 में 10वीं कक्षा के बच्चों का रिजल्ट 95.81 प्रतिशत था। 2019 में ये घटकर हो गया 71.58 प्रतिशत। आप ही बताइए शिक्षा व्यवस्था अच्छी हुई या बुरी।
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