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प्रधानमंत्री ने आईआईटी खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित
By Deshwani | Publish Date: 23/2/2021 8:49:08 PM
प्रधानमंत्री ने आईआईटी खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित

दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आज आईआईटी खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा शिक्षा राज्यमंत्री श्री संजय धोत्रे उपस्थित रहे।




प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन न केवल आईआईटी के अभिभावकों और शिक्षकों के लिए, बल्कि नए भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यार्थी पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पास होने वाले विद्यार्थियों से स्टार्टअप स्थापित करने और देश के करोड़ों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने वाले नवाचारों की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने आज जो डिग्री प्राप्त की है, वह लाखों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती हैजिसे उन्हें पूरा करना होगा।



प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं का अनुमान लगाने और कल के लिए नवाचार करने के लक्ष्य पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक इंजीनियर में चीजों को व्यापकता के साथ देखने की क्षमता होती है और यह समझ ही भविष्य में नई खोज व सफलताओं का आधार बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे समाधान खोजने का आह्वान किया है जो करोड़ों लोगों के जीवन में सुधार और रक्षा कर सकते हों, साथ ही देश के संसाधन बचा सकते हों।




श्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों से आत्म संदेह और भविष्य की बाधाओं से पार पाने के लिए सेल्फ 3 का मंत्र अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि ये सेल्फ 3 हैं - आत्म जागरूकता, आत्म विश्वास और निःस्वार्थ। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और आगे बढ़ने, पूरे विश्वास के साथ आगे बढ़ने, निःस्वार्थ भाव से आगे बढ़ने की सलाह दी है।



प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जल्दबाजी के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि आप जिस नवाचार पर काम कर रहे हैं, उसमें पूरी सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं।हालांकि आपकी असफलता को सफलता समझा जाएगा, क्योंकि आप उससे भी कुछ सीखेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में आईआईटी को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से आगे बढ़कर स्वदेशी प्रौद्योगिकी संस्थान के अगले चरण में ले जाने की जरूरत है, ताकि नए भारत की बदलती मांग और आकांक्षाएं पूरी की जा सकें।
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