ब्रेकिंग न्यूज़
समस्तीपुर : लद्दाख में शहीद अमन की विधवा को मिली नौकरी, डीएम ने दिया नियुक्ति पत्रसमस्तीपुर : समस्तीपुर में कोरोना से युवा व्यवसायी की मौत, छह लोगों की हो चुकी है अबतक मौतमोतिहारी की छतौनी पुलिस ने लकड़ी लदे ट्रक में छुपाकर रखी भारी मात्रा में शराब जब्त की, 6 गिरफ्तार, झखिया में देनी थी डिलेवरीमोतिहारी के कल्याणपुर में पूर्व प्रमुख के पति की रड व चाकू से गोदकर हत्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश अस्थाना के छोटे भाई जेपी अस्थाना भी गंभीर घायलसमस्तीपुर: आपसी विवाद में चली गोली से महिला सहित दो जख्मी, गंभीर स्थिति में रेफरअभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर राज्‍यभर में हुआ प्रदर्शनमोतिहारी में एनएच 28 पर जय माता दी बस की चपेट में आए दो लोग, वाटगंज के मेडिकल प्रैक्टिसनर व भतीजे की मौत, बारिश में छतरी लगाकर राजमार्ग जाममोतिहारी के मधुबन में बारात में चली गोली, गोढ़वा के युवक की मौत, आर्म्स के साथ एक गिरफ्तार
बिहार
सूरत के कपड़ा मिल में काम करने वाले करीब 63 श्रमिक पहुंचे रक्सौल, सभी हैं नेपाली नागरिक
By Deshwani | Publish Date: 22/5/2020 9:34:04 PM
सूरत के कपड़ा मिल में काम करने वाले करीब 63 श्रमिक पहुंचे रक्सौल, सभी हैं नेपाली नागरिक

रक्सौल अनिल कुमार। गुरूवार की रात करीब 12 बजे गुजरात सूरत के कपड़ा मिल में काम करने वाले करीब 63 की संख्या श्रमिक रक्सौल पहुंचे। ये सभी श्रमिक नेपाली नागरिक थे और लॉकडाउन में फैक्ट्री बंद हो जाने के बाद सूरत से बस भाड़ा करके रक्सौल पहुंचे थे। रक्सौल आने के बाद इन लोगों को पता चला कि सीमा सील है, जिसके बाद जब ये लोग बॉर्डर पर पहुंचे तो वहां एसएसबी ने इन्हे रोक दिया। रात में ही एसएसबी के अधिकारी राज कुमार कुमावत जवानो की सूचना पर बॉर्डर पर पहुंचे। इसके बाद पूरी रात इनको कहीं रखने को लेकर चर्चा होती रही। 

 
 
 
बाद में इस बात का निर्णय हुआ कि इनको रात में स्टेशन पर रखा जाये। जिसके बाद सभी को स्टेशन पर रात में रखा गया। दिन के समय स्वच्छ रक्सौल संगठन के रंजीत सिंह के द्वारा सभी श्रमिको को भोजन कराया गया। प्रभारी एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि दिन के करीब 1 बजे सूरत से आये सभी श्रमिको को रक्सौल के केसीटीसी कॉलेज में संचालित कोरेनटाइन सेंटर पर रख दिया गया है। यहां बता दे कि इन दिनो लगातार भारत के अलग-अलग इलाको में फंसे नेपाली श्रमिको के रक्सौल आने का क्रम लगातार जारी है और गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिलने के कारण इनके वतन वापसी में काफी परेशानी हो रही है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS