ब्रेकिंग न्यूज़
केविवि की स्नातक उत्तीर्ण और परास्नातक छात्राओं को मिलेगा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ, एकमुश्त 25000 की मिल सकती है राशिसड़क हादसे में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल, प्राथमिक उपचार के बाद बेतिया रेफरसांसद डॉक्टर संजय जयसवाल ने उच्च स्तरीय बैठक में नेपाल बॉर्डर पर उठ रही समस्याओं के समाधान पर विचार विमर्श कियाअजय कुमार भल्ला बने नए गृह सचिव, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरीमनसे प्रमुख राज ठाकरे पूछताछ के लिए पहुंचे ईडी दफ्तर, दफ्तर के बाहर धारा-144हजारों के तादाद में युवक-युवतियां, महिलाओं समेत आम जनों ने ली भाजपा की सदस्यताआशीष परियोजना डंकन अस्पताल रक्सौल के द्वारा पनटोका पंचायत भवन के प्रांगण में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजनएक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कृषि समन्यवय कार्यक्रम रक्सौल के कृषि भवन में आयोजित, योजनाओं के बारे में किसानों को दी जानकारी
झारखंड
दस एकड़ जमीन हथियाने के लिए चाचा ने करायी थी भतीजे की हत्या,पुलिस जांच में हुआ खुलासा
By Deshwani | Publish Date: 23/7/2019 4:43:31 PM
दस एकड़ जमीन हथियाने के लिए चाचा ने करायी थी भतीजे की हत्या,पुलिस जांच में हुआ खुलासा

रांची। 19 जुलाई की रात बुंडू के ताऊ मोड़ निवासी चरकू उरांव की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है़। जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड के साजिशकर्ता चरकू के चाचा कल्हू उरांव व उसके परिवार के ही लोग हैं। हत्या का कारण चरकू की पुश्तैनी 10 एकड़ जमीन है, जिसे कल्हू उरांव आैर उसका परिवार हड़पना चाहता था। इसमें चरकू आड़े आ रहा था। लिहाजा उसे रास्ते से हटाने के लिए तीन अपराधियों को तीन लाख रुपये की सुपारी दी गयी थी, जिसमें से एडवांस 20 हजार रुपये दिये थे।   

 
रांची के एसएसपी अनीश गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि चरकू की हत्या की साजिश उसके चाचा कल्हू उरांव, उसका पुत्र राजेंद्र उरांव, बहू मनीषा, राजेंद्र का साला शनि कच्छप व एक नाबालिग पुत्र ने रची थी। घटना को अंजाम देनेवाले शूटर शिवा कुमार उर्फ शिवम व एक नाबालिग को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है़।   
 
वहीं शूटराें को हथियार उपलब्ध कराने वाला कर्रा निवासी राहुल फरार है़। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, एक कट्टा, नौ गोली बरामद किया गया है़। कट्टा राजेंद्र के पास से, जबकि दोनों पिस्टल शूटरों के पास से बरामद किया गया है। 
 
एसएसपी ने कहा कि कल्हू उरांव, चरकू उरांव व दो अन्य रिश्तेदारों की दस एकड़ जमीन है़। जमीन चरकू के दादा के नाम से है। उनकी मौत के बाद दस एकड़ जमीन की रसीद कल्हू उरांव के नाम से कट रही थी। हालांकि कुछ जमीन उसने बेच भी दी थी़। जिसका चरकू हमेशा विरोध करता था़   
 
इसलिए जमीन पर 144 व 107 के तहत निषेधाज्ञा लगा हुआ था़। चरकू हमेशा कहता था कि जमीन का बंटवारा करने के बाद आप अपने हिस्से की जमीन का जो करना है करो। हमलोगों की जमीन आप नहीं बेच सकते़। इसलिए कल्हू ने सोचा कि चरकू को रास्ता से हटाने के बाद 10 एकड़ जमीन का मालिक वह बन जायेगा़। उसके बाद उसने परिवार के लोगों के साथ मिलकर साजिश रची थी।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS