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किशोर-किशोरियों को दिया जा रहा स्वास्थ्य मंत्र, जिले में चलाया जा रहा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम
By Deshwani | Publish Date: 17/8/2019 4:56:20 PM
किशोर-किशोरियों को दिया जा रहा स्वास्थ्य मंत्र, जिले में चलाया जा रहा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम

छपरा। गणपत आर्यन।

किशोरावस्था में निरंतर शारीरिक एवं मानसिक बदलाव होते हैं। इसलिए इस दौरान बेहतर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य की जरूरत बढ़ जाती है। इसको लेकर जिले में किशोर एवं किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना की शुरूआत की गयी है।

 
इस कार्यक्रम के तहत स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, किशोरों में व्यसन, मासिक चक्र की पूर्ण जानकारी, एनीमिया के लक्षण व बचाव की जानकारी, खान-पान, संतुलन आहार के बारे में परस्पर चर्चा के माध्यम से जानकारी दी जाती है। विद्यालयों में प्रत्येक सोमवार को तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रत्येक गुरुवार को वितरण की जाने वाली आयरन की गोलियां दी जाती हैं। यह कार्यक्रम किशोरों के स्वास्थ्य मिशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आरकेएसके का सोच है कि वे किशोरों को उनकी क्षमताओं का एहसास करा कर उन्हें उनके स्वास्थ्य एवं भलाई संबंधि फैसला करने में मदद करे।
 
इन पांच जगहों पर चल रहा है कार्यक्रम
 
जिले में सदर अस्पताल, रिविलगंज, मढ़ौरा, सोनपुर, अमनौर स्वास्थ्य केंद्रों पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इस  कार्यक्रम के तहत 10 -19 वर्ष के किशोर एवं किशोरियों का इलाज किया जाता है।  
 
दो तरह से है इलाज का प्रावधान 
 
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर-किशोरियों का दो तरीके से इलाज किया जाता है। पहला आईएसडी (इंटीग्रेटेड सेक्सुअल डिजीज) है। इसमें बिना जाँच के इलाज किया जाता है। दूसरा एसटीडी (सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज) इलाज जाँच के बाद प्रांरभ होती है। डीसीएम ब्रजेन्द्र सिंह ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल के ओपीडी में ही सेवा प्रदान की जा रही है। आगे अलग से इसका वार्ड का निर्माण कराया जायेगा। 
 
तीन विभागों के तहत चलता है यह कार्यक्रम:  
 
कार्यक्रम तीन विभाग स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास विभाग की संयुक्त तत्वाधान में चलाया जाता है। कार्यक्रम को धरातल पर लाने के लिए तीनों विभागों की मदद से लाभार्थियों को चिह्नित किया जा सकता है। इसके तहत 10 से 19 वर्ष तक किशोर-किशोरियों में कुपोषण, शारीरिक बदलाव के कारण उत्पन्न विकृति मानसिक विकृति, व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति जागरूकता, सेनेटरी नैपकीन आदि के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जाती है। 

किशोर स्वास्थ्य मंच का होता है आयोजन
 
जिले के विद्यालयों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ कार्यक्रम के तहत किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया जाता है। जहां पर आरकेएसके के काउंसलर के द्वारा किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है। विशेषज्ञों के द्वारा किशोर-किशोरियों का काउंसलिंग की जाती है। 

लाभार्थियों को दी जाती है ये सुविधाएं: 
 
• प्रजनन स्वास्थ्य समबंधित परामर्श सेवाएं
• किशोरावस्था दौरान पोषण समबंधित सलाह 
• एनेमिया जाँच, उपचार तथा रोकथाम का परामर्श 
• माहवारी से समबंधित स्वच्छता एवं समस्याओं के निराकरण पर सलाह एवं उपचार 
• प्रजनन तंत्र संक्रमण व यौन जनित रोगों पर परामर्श 
• प्रसव पूर्व जाँच एवं सलाह 
• सुरक्षित गर्भपात हेतु मार्गदर्शन एवं सलाह 
• समुचित रेफरल सेवा 
• विवाह के सही उम्र की जानकारी हेतू परामर्श 
• अन्य रोग एवं समस्याएं ( चर्म रोग, मानसिक तनाव, निराशा, नशापान, घरेलू एवं यौन हिंसा)
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