झारखंड
खूंटी वीरों की भूमि : मुख्यमंत्री
By Deshwani | Publish Date: 24/5/2018 6:12:49 PM
खूंटी वीरों की भूमि : मुख्यमंत्री

खूंटी। वीरों की धरा है खूंटी । भगवान बिरसा मुंडा इस भूमि से आजादी की लड़ाई में शहीद हुए थे। आज भी यहां के युवा बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर भारत माता के रक्षार्थ अपनी शहादत दे रहें हैं। जवरा मुंडा भी उनमें से एक हैं, जिन्होंने देश की रक्षा में अपनी शहादत दी। नमन ऐसे महान वीरों को। आज के युवाओं को देश के प्रति समर्पित ऐसे वीरों से प्रेरणा लेने की जरूरत है ताकि वह भी देश, राज्य, समाज और अपने परिवार के लिए कार्य कर सकें और उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो। ऐसा नहीं कि सिर्फ भारत भूमि के रक्षार्थ युवा आगे आयें। देश और राज्य के सतत विकास में अपना योगदान दें। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। वे गुरुवार को खूंटी के मेराल गांव में जल संचयन पखवाड़ा के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। श्री दास ने कहा कि देश के वीर सपूत जवरा मुंडा जी के गांव से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्य हेतु जल संचयन पखवाड़ा का शुभारंभ कर राज्य सरकार धन्य हुई। 

श्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट निदेश राज्य सरकारों को प्राप्त हुआ है कि राज्य के तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य बरसात से पूर्व कर लिया जाए। ताकि जल संरक्षण कर कृषि कार्य और भूमीगत जल का संवर्धन सुनिश्चित हो सके। इस बात को ध्यान में रखते हुए 24 मई से 7 जून 2018 तक जल संचयन पखवाड़ा मनाया जायेगा। पखवाड़ा के तहत राज्य भर के 2 हजार निजी व सरकारी तालाबों का जीर्णोद्धार होगा। राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी और आधुनिक खेती का बढ़ावा देना चाहती है। श्री दास ने कहा कि आजादी और झारखण्ड राज्य के 18 वर्ष गुजर जाने के बाद भी राज्य की सिंचाई क्षमता मात्र 13 % ही है। यह चिंता का विषय है, इसमें सुधार लाने की जरूरत है। यह पखवाड़ा सिंचाई की प्रतिशत को बढ़ाने व किसानों के आर्थिक विकास में सहायक होगा। सरकार का प्रयास है सिंचाई के साधन में बढ़ोतरी हो और किसान व गरीब के जीवन मे बदलाव आये। वर्षा जल कैसे संरक्षित हो इस दिशा में राज्य का हर व्यक्ति सोचे। समय रहते हमें इस दिशा में ठोस पहल मिलकर करनी होगी। 

श्री रघुवर दास ने कहा कि कम जल में भी राज्य के किसान कृषि कार्य कर रहे हैं ऐसे किसान फव्वारा व बूंद-बूंद सिंचाई योजना का लाभ उठाकर कृषि के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य सरकार की योजना है कि राज्य के हर जिले के 5 किसान इजराइल जैसे देश का दौरा करें और जाने की सीमित जल में खेती कार्य कैसे किया जाता है। इस निमित्त सरकार जल्द निर्णय लेगी और किसानों को अपने खर्च पर इजरायल भेजेगी। श्री दास ने कहा कि गांव के लोग अपने गांव के लिये उपयोगी योजनाओं का चयन स्वयं करें। सरकार ग्रामीणों के साथ है। सर्व सम्मति से लिए गए निर्णय के साथ सरकार कार्य करेगी। सरकार जनभागीदारी से विकास कार्य करना चाहती है। गांव के मुखिया 14वे वित्त आयोग की राशि को लाभुक समिति के साथ बैठक कर गांव के विकास कार्य में खर्च करें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के स्वावलंबन और उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गठित सखी मंडल बेहतर कार्य कर रहा है। महिलाओं को स्वरोजगार से आच्छादित करने के लिए सरकार 4 लाख रुपये उपलब्ध करा रही है, जिसके जरिये वे मुर्गीपालन व अंडा उत्पादन कर खुद के आर्थिक विकास को गति दे सकती हैं। गांव में गठित विकास समिति का अध्यक्ष महिला को बनाया गया है ताकि वे महिलाओं के सर्वांगीण विकास में अपनी भागीदारी निभा सकें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सर्व धर्म समभाव पर यकीन रखती है। राज्य में अदृश्य शक्ति गरीब लोगों को लालच दे देकर बिरसा मुंडा की संस्कृति को दूषित कर रही है। ऐसी शक्ति पर सरकार की पैनी नजर है। अपने कार्यपद्धति पर वे बदलाव लायें। अन्यथा कानून अपना कार्य करेगा। 

कृषि मंत्री श्री रणधीर सिंह ने कहा कि 1400 से ज्यादा तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ आज से पूरे राज्य में हो रहा है। यह कार्य 2 जून से पूर्व कर लिया जायेगा। यह कार्य राज्य में हरित क्रांति लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जीर्णोद्धार कार्य और जल संरक्षण के बाद इन तालाबों में मछली और बतख पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि कृषि कार्य मे महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से सखी मंडल के बीच पम्पसेट वितरित किया जा रहा है।

ग्रामीण विकास सह संसदीय कार्य मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी जल संरक्षण हेतु इस पहल के लिये धन्यवाद उन्होंने शहीद जवरा मुंडा के गांव से जल संचयन पखवाड़ा का शुभारंभ किया। यह पखवाड़ा ग्रामीण विकास को गति देगा। खूंटी में 4 हजार से ज्यादा तालाब का निर्माण किया गया है। जल छाजन के माध्यम से 455 तालाब का निर्माण हुआ। जल संरक्षण होने से किसानों के आय में वृद्धि होगी। एक ओर कृषि कार्य होंगे तो दूसरी ओर मछली व बत्तख पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 

विकास आयुक्त श्री अमित खरे ने कहा कि गांव का विकास करना सरकार की प्रथिमिक्ताओं में एक है, इसके लिए कृषि का विकास बेहद जरूरी है। इस पखवाड़े के माध्यम से 5 एकड़ तक के तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य मॉनसून से पूर्व कर लिया जायेगा। ताकि वर्षा जल संरक्षण और कृषि कार्य को बढ़ावा दिया जा सके। झारखण्ड पूर्वी भारत का पहला राज्य है जहां कृषि बजट पेश किया गया। यह सब सिर्फ किसानों के सर्वांगीण विकास हेतु किया गया। 

कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निदेश पर जल संरक्षण के लिए यह कार्य प्रारंभ हुआ है। राज्य के 1408 तालाब का जीर्णोद्धार और 600 परक्यूलेशन टैंक का निर्माण किया जायेगा। इस कार्य से 2 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षेत्र में आयेगा। तालाब के आसपास रहने वाले किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संचयन दिवस व पखवाड़ा से संबंधित पुस्तिका का विमोचन व ग्रामीणों के बीच साइल हैल्थकार्ड और पम्पसेट का वितरण किया।

इस अवसर पर आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर श्री दिनेशचंद्र मिश्रा, उपायुक्त खूंटी श्री सूरज कुमार, आरक्षी उपमहानिरीक्षक समेत अन्य लोग उपस्थित थे।  

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